
मसूरी जनसमस्याओं को लेकर ज्ञापन एंकर स्क्रिप्ट:मसूरी में समस्याओं का अंबार और प्रशासन की सुस्ती अब स्थानीय राजनीति में उबाल ला रही है। शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमित गुप्ता के नेतृत्व में आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उप-जिलाधिकारी के जरिए जिलाधिकारी को एक 7 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। कांग्रेस का साफ कहना है कि पर्यटन सीजन सिर पर है, लेकिन शहर की बुनियादी व्यवस्थाएं बदहाल हैं। चाहे वो क्षतिग्रस्त सड़कें हों या धरना स्थल का विवाद, प्रशासन की उदासीनता अब बर्दाश्त से बाहर है।
धरना स्थल पर रार:
कांग्रेस ने कैमल बैक रोड पर धरना स्थल बनाए जाने का कड़ा विरोध किया है। मांग की गई है कि ऐतिहासिक शहीद स्थल (झूला घर) पर ही पूर्व की भांति प्रदर्शन की अनुमति मिले।सड़कों की बदहाली: पर्यटन सीजन शुरू होने वाला है, लेकिन शहर की मुख्य सड़कें गड्ढों में तब्दील हैं, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है।
पटरी व्यापारियों का दर्द:
पिछले 10 महीनों से पटरी (स्ट्रीट वेंडर) का मामला लटका हुआ है, जिससे सैकड़ों परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।सर्वे के नाम पर बजट का खेल: ‘नोटिफाई’ और ‘डी-नोटिफाई’ क्षेत्र के सर्वे पर करोड़ों खर्च होने के बावजूद मास्टर प्लान का काम अधूरा पड़ा है।सुरक्षा और ट्रैफिक: शहर में पुलिस और ट्रैफिक कर्मियों की भारी कमी है, जिसके कारण आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है।नेताओं के तीखे तेवर:
अमित गुप्ता (अध्यक्ष, शहर कांग्रेस) “हमने पहले भी कई बार प्रशासन को चेताया, लेकिन फाइलों में धूल जमने के अलावा कुछ नहीं हुआ। अब सीजन शुरू हो रहा है, अगर सड़कें दुरुस्त नहीं हुईं और ज्वलंत मुद्दों का समाधान नहीं हुआ, तो मसूरी की छवि खराब होगी।
“उपेंद्र थापली (वरिष्ठ कांग्रेस नेता):“प्रशासन हवा घर जैसे ऐतिहासिक धरोहरों के पास धरना स्थल बनाने की बात कर रहा है, जो तर्कसंगत नहीं है। अगर हमारी मांगों पर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस पार्टी खामोश नहीं बैठेगी और सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी। मसूरी की इन समस्याओं पर अब गेंद प्रशासन के पाले में है। देखना होगा कि पर्यटन सीजन से पहले क्या सरकार और स्थानीय प्रशासन इन 7 सूत्रीय मांगों पर कोई ठोस कदम उठाता है या कांग्रेस का आंदोलन नया मोड़ लेगा।
मसूरी कांग्रेस भरी हुंकार सात सूत्र मांगों को लेकर घेरा प्रशासन भाई कौन टाइपिंग कर रहा है इसमें मसूरी में समस्याओं का अंबार और प्रशासन की सस्ती अब स्थानीय राजनीति में उबाल ला रही है, शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमित गुप्ता के नेतृत्व में आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उप जिलाधिकारी के जरिए जिलाधिकारी को एक साथ सूत्र मांग पर पत्र सौंपा कांग्रेस का साफ कहना है कि पर्यटन सीजन सर पर है, लेकिन शहर की बुनियादी व्यवस्थाएं बदहाल हैं।
चाहे वह क्षतिग्रस्त सड़क हो या धरना स्थल का विवाद प्रशासन की उदासीनता अब पदार्थ से बाहर है। धरना स्थल पर रार कांग्रेस में कैमल बैंक रोड पर धरना स्थल बनाए जाने का कड़ा विरोध किया मांग की गई, की ऐसी ऐतिहासिक स्थल पर ही पूर्व की भांति प्रदर्शन की अनुमति मिले सड़कों की बदहाली प्रिटेंस सीजन शुरू होने वाला है, लेकिन शहर की मुख्य सड़क गढ़ों में तब्दील है जिससे पर्यटक पर्यटकों को और स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है।
पटरी व्यापारियों का दर्द पिछले 10 महीने से पटरी यानी स्ट्रेट वेदर का मामला लटका हुआ है जिसे सेकंड परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है सर्वे के नाम पर बजट का नोटिफाई क्षेत्र के सर्वे पर करोड़ों खर्च होने के बावजूद मास्टर प्लान का काम अधूरा पड़ा है। सुरक्षा ट्रैफिक शहर में पुलिस और ट्रैफिक कर्मियों की भारी कमी है जिसके कारण आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है मसूरी की इन समस्याओं पर अब गेम प्रशासन के पाली में है देखना होगा कि पर्यटन सीजन से पहले क्या सरकार और स्थानीय प्रशासन इंसाफ सूत्र मांगों पर कोई ठोस कदम उठाता है ।



